लैंड पूलिग स्कीम के तहत सोहना में दो सेक्टर विकसित

नगर योजनाकार विभाग सोहना में लैंड पूलिग स्कीम के तहत दो सेक्टर और सेक्टर विभाजित सड़कों को विकसित करने की योजना तैयार कर रहा है। यह पहला मौका होगा जब गुरुग्राम में इस स्कीम के तहत सेक्टर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पंजाब और गुजरात राज्य में लैंड पूलिग स्कीम के तहत कई प्रोजेक्ट विकसित किए गए हैं, लेकिन हरियाणा में कभी इस पर गंभीरता से काम नहीं किया गया। गुरुग्राम और आस-पास के इलाकों की बात की जाए तो जमीनों की कीमतें काफी अच्छी हैं। इस स्कीम के तहत प्रोजेक्ट विकसित होने पर किसानों एवं जमीन मालिकों को मिलने वाली जमीन की कीमत प्रति वर्ग गज में मिलने का बड़ा फायदा होगा। सोहना मास्टर प्लान में कुल 36 सेक्टर हैं, जिनमें करीब 17 रिहायशी सेक्टर हैं।

क्या है प्रस्ताव

टाउन एंड कंट्री प्लानिग विभाग के डीटीपी प्लानिग से मिली जानकारी के अनुसार अभी सोहना में सेक्टर-35 एवं 36 को लगभग 530 से अधिक एकड़ में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अलावा सोहना में ही इसी स्कीम के तहत कई सेक्टरों की विभाजित सड़कों को भी विकसित करना प्रस्तावित है। क्या है लैंड पूलिग स्कीम

लैंड पूलिग स्कीम के तहत किसी भी जमीन मालिक को एक एकड़ जमीन के बदले उसी रिहायशी सेक्टर के विकसित होने पर 1000 से 1200 वर्ग गज तक का रिहायशी प्लाट तथा एक कामर्शियल प्लाट (प्लान के हिसाब से) देने का प्रविधान है। इसमें विभाग को पैसे देकर जमीन का अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा और न ही कोर्ट से एन्हांसमेंट आने का कोई चक्कर होगा। इसके अलावा सेक्टर विभाजित सड़कों में जमीन दिए जाने पर विभाग की तरफ से टीडीआर (ट्रांसफर डेवलपमेंट अधिकार) का फायदा, सड़क के आस-पास के सेक्टर में रिहायशी प्लाट या फिर कामर्शियल यूनिट पर अतिरिक्त एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) का लाभ दिया जा सकता है।

लैंड पूलिग स्कीम के तहत सोहना में सेक्टर व सेक्टर विभाजित सड़के विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर एचएसवीपी प्रशासक के माध्यम से चंडीगढ़ स्थित एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक को स्वीकृति के लिए जल्द भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रोजेक्ट को धरातल पर शुरू करने की दिशा में काम होगा।

संजय कुमार, डीटीपी प्लानिग एचएसवीपी भी गुरुग्राम तथा आस-पास के इलाकों मे लैंड पूलिग स्कीम के तहत प्रोजेक्ट विकसित करने में इच्छुक है। विशेष तौर पर सेक्टर-81 से 115, फरुखनगर के आस-पास यदि कोई भी जमीन मालिक या किसानों की इसमें दिलचस्पी है तो वह मेरे कार्यालय में भी जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं।